संस्था के उद्देश्य

(क) छात्र धर्म का पालन करना तथा लक्ष्य |
(ख) विद्या प्रचार |
(ग) संगठन एवं सामाजिक सुधर |
(घ) क्षत्रियों का सर्वांगीण विकास एवं उन्नति |
(ङ) देश एवं धर्म की रक्षा |
(च) समाज के लोगों का आर्थिक, मानसिक, नैतिक चारित्रिक, कलात्मक, आध्यात्मिक एवं बौद्धिक विकास करना |
(छ) ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकालय वाचनालय एवं शिक्षण संस्थओं की स्थापना |
(ज) प्रारंभिक स्तर से लेकर उच्च स्तर तक की शिक्षा देने के लिए अध्ययन केन्द्रों की स्थापना |
(झ) समाज के बेरोजगार लोगों को रोजगार देने एवं रोजगार उन्मुख कार्यक्रम चलाना |
(ञ) राष्ट्रिय हित की योजनाओं को सरकारी सहयोग से चलना |

नोट:- संस्था की चल अचल संपत्ति से प्राप्त समस्त आय व कमाई ज्ञापन पात्र में उल्लिखित संस्था के उद्देश्य व लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूर्णतः की जाएगी और लगायी जाएगी तथा इसका कोई भी लाभ संस्था के वर्तमान या निर्वतमान सदस्यों को या वर्तमान या निर्वतमान सदस्यों के माध्यम से दावा करने वाले किसी एक या अधिक व्यक्तियों को भुगतान नहीं किया जायेगा |

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